नेपाल में हिंसक प्रदर्शन और ट्रंप के टैरिफ विवाद समेत आज की 5 बड़ी खबरें

 

देश में उपराष्ट्रपति पद के लिए कल मतदान होने जा रहा है, जिसमें NDA उम्मीदवार महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्षी गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है। आंकड़ों के मुताबिक, NDA के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 132 सांसदों का समर्थन है, जिससे कुल 425 सांसदों का स्पष्ट बहुमत दिख रहा है। वहीं, विपक्षी दलों में क्रॉस वोटिंग की संभावना बनी हुई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने संविधान की रक्षा के आह्वान पर सुदर्शन रेड्डी का समर्थन किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के SIR (Special Summary Revision) मामले में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि आधार कार्ड को मतदाता पहचान के लिए “12वां दस्तावेज़” माना जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है और चुनाव आयोग को आज ही आधार कार्ड से संबंधित नोटिफिकेशन जारी करने के लिए कहा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड डील की तैयारी तेज हो गई है। इसके विरोध में अमेरिका में ट्रंप प्रशासन विवादों में फंसा हुआ है। भारत के मसले को लेकर अमेरिका में दो लॉबी सक्रिय हैं, जिसमें एक समूह ट्रंप के टैरिफ को सही मान रहा है और दूसरा समूह इसका विरोध कर रहा है। अगले महीने भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच दो अहम बैठकें होने वाली हैं, जिसमें लंबित मतभेदों को दूर करने पर चर्चा होगी।

नेपाल में सोशल मीडिया बैन को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। हजारों युवा प्रदर्शनकारी काठमांडू, पोखरा, भरतपुर और जनकपुर में सड़कों पर उतरे और संसद भवन तक घुस गए। प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की और तोड़फोड़ की, जिससे कई लोग घायल हुए। पुलिस ने आंसू गैस, रबर की गोलियां और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए काठमांडू में कर्फ्यू लगाया गया और सुरक्षा कड़ी कर दी गई।

वहीं, भारत से भगोड़े आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। बेल्जियम से मेहुल चौकसी को भारत लाने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुंबई की आर्थर रोड जेल में उनकी हिरासत के लिए बैरक संख्या 12 चुनी गई है। इसके साथ ही विजय माल्या और नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर भी प्रक्रिया तेज हो रही है।

देश और विदेश में इन घटनाओं के बीच, उपराष्ट्रपति चुनाव की निगाहें कल के मतदान और नतीजों पर टिकी हुई हैं। राजनीतिक हलचल, न्यायिक फैसले और अंतरराष्ट्रीय मसलों के बीच भारत की तैयारी और रणनीति महत्वपूर्ण बनी हुई है।

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