प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हालिया फोन वार्ता को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर तीखा हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी से सवाल किया है कि ट्रंप से बातचीत में क्या बातें हुईं, और इसे लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। रमेश ने यह आरोप ऐसे समय में लगाया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल मुनीर को विशेष आमंत्रण पर लंच के लिए बुला रहे हैं। इस घटनाक्रम ने भारत की विदेश नीति पर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा पोस्ट लिखते हुए पीएम मोदी से यह स्पष्टीकरण मांगा है कि ट्रंप से किन मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने इस वार्ता को लेकर संदेह जताते हुए कहा कि जब अमेरिका पाकिस्तान को सैन्य और राजनीतिक मंच दे रहा है, तो भारत की कूटनीति को पारदर्शी होना चाहिए।
फिर माफी के दायरे में जयराम रमेश
यह पहली बार नहीं है जब जयराम रमेश ने इस तरह का बयान दिया हो। वह पहले भी कई बार फेक न्यूज फैलाने और गलत बयानों के लिए माफी मांग चुके हैं। लेकिन इस बार उन्होंने जिस तरह से पीएम और ट्रंप की बातचीत को लेकर सवाल उठाए हैं, उससे यह साफ है कि कांग्रेस एक बार फिर विदेश नीति जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक हथियार बना रही है।
दूसरी ओर, जब मीडिया ने राहुल गांधी को इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए तलाशा, तो पार्टी के बाकी नेता चुप्पी साध गए। यहां तक कि यह तक साफ नहीं हो पाया कि राहुल गांधी इस वक्त किस देश में हैं। इससे खुद कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है।
पाकिस्तान की भाषा बोल रही कांग्रेस?
सरकार की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि पीएम मोदी ने ट्रंप को सख्त शब्दों में बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा और भारत को कश्मीर मुद्दे पर किसी मध्यस्थता की जरूरत नहीं है। वहीं कांग्रेस के सवालों को लेकर सत्ताधारी दल का कहना है कि विपक्ष पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है।
सत्तापक्ष का आरोप है कि कांग्रेस, पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा का शिकार हो गई है। वहीं राहुल गांधी की चुप्पी ने कांग्रेस की स्थिति को और भी असहज बना दिया है।