जयशंकर-रुबियो बैठक से लेकर बिहार चुनाव की हलचल तक आज की 5 बड़ी खबरें

 

आज की बड़ी खबरों में प्रमुख रूप से भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की न्यूयॉर्क में हुई अहम बैठक शामिल है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान आयोजित इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और वैश्विक सुरक्षा पर चर्चा की। अमेरिकी पक्ष ने भारत को “महत्वपूर्ण साझेदार” करार दिया। यह बैठक अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ लागू करने और H-1B वीजा विवाद के बीच हुई थी, जो हाल के तनावपूर्ण माहौल में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

बीच में, बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी जोर पकड़ रही हैं। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद NDA में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तैयार बताया जा रहा है, जबकि महागठबंधन में सीटों और CM फेस को लेकर खींचतान जारी है। कांग्रेस की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (CWC) की बैठक कल पटना में आयोजित की जाएगी। इससे पहले, पटना नगर निगम ने शहर में पार्टी के बैनर और पोस्टर हटाए, जिन्हें बैठक में नेताओं के स्वागत के लिए लगाया गया था।

कांग्रेस की राजनीति में युवा वोटरों को लेकर भी हलचल देखी जा रही है। राहुल गांधी ने बेरोजगारी और वोट चोरी को जोड़ते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी के बयान ने नए विवाद को जन्म दिया है, जिसमें उन्होंने जेन-एक्स, वाई और जेड पीढ़ियों के दृष्टिकोण पर टिप्पणी की।

सपा नेता आजम खान 23 महीने बाद जेल से रिहा हुए। रिहाई के समय उनके समर्थकों की बड़ी भीड़ मौजूद थी। अखिलेश यादव ने इस मौके पर खुशी जताई और वादा किया कि सपा की सरकार आने पर आजम खान पर लगे सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। इस बीच, राजनीतिक चर्चा में आजम खान के बीएसपी में शामिल होने के कयास भी उठ रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलीस्तीन को मान्यता देने की प्रक्रिया तेज हो रही है। ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगाल के बाद अब फ्रांस ने भी फिलीस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है। इजराइल ने इस कदम का विरोध किया है, जबकि वैश्विक समुदाय में फिलीस्तीन के पक्ष में समर्थन बढ़ता जा रहा है।

आज की इन घटनाओं ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई दिशा और चर्चा पैदा कर दी है। एस. जयशंकर की अमेरिका यात्रा से भारत-अमेरिका संबंधों में सुधार की उम्मीद है, वहीं बिहार चुनाव और फिलीस्तीन के मुद्दे राजनीतिक और कूटनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *