तारा शाहदेव को 9 साल बाद मिला न्याय, जिहादी को आजीवन कारावास की सजा

tara sahdev

9 सालों से इंसाफ के लिए तरस रही नेशनल शूटर तारा शाहदेव के गुनहगार रकीबुल को सीबीआई कोर्ट ने मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई है. वहीं रकीबुल की मां कौसर रानी को दस साल की सजा सुनाई गई है.

 

इसके अलावा साजिश रचने के आरोपी झारखंड हाईकोर्ट के तत्कालीन रजिस्ट्रार मुस्ताक अहमद को 15 साल कैद की सजा सुनाई गई है. अदालत ने कोहली पर 1.25 लाख और बाकियों पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर कोहली को एक्स्ट्रा 18 महीने और बाकियों को एक्स्ट्रा छह-छह महीने की जेल काटनी होगी. सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान जेल में बंद तीनों गुनहगारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में पेश किया गया. अदालत ने कहा कि अपराध का तरीका और उसकी गंभीरता को देखते हुए सजा दी गई है.

कैसे शुरू हुआ मामला?

तारा शाहदेव झारखंड की नेशनल लेवल की निशानेबाज थी. नेशनल लेवल पर खेलने के दौरान ही तारा की मुलाकात होटवार में रकीबुल हसन से हुई थी. ये मुलाकात तत्कालीन विजिलेंस रजिस्ट्रार (रांची हाई कोर्ट) मुश्ताक अहमद ने कराई थी, जिनकी पीली बत्ती की गाड़ी में बैठकर रकीबुल हसन आता था. उनके साथ धनबाद डीएसपी और गढ़वा एसपी भी होते थे.

दोनों की मुलाकातें बाद में प्यार में बदल गई. रकीबुल ने अपने मुस्लिम होने की बात तारा और उसके परिवार से छिपाकर उससे शादी कर ली. इसके बाद दोनों रांची में एक फ्लैट लेकर साथ रह रहे थे. तारा ने पुलिस को बताया था कि उनके फ्लैट पर रकीबुल हसन खान के नाम का इफ्तार पार्टी का कार्ड मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के यहां से आया तो उसे शक हुआ.

तारा ने क्या आरोप लगाए?

शूटर तारा शाहदेव ने 7 जुलाई 2014 को हिंदू परंपरा के मुताबिक रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल हसन से शादी की, जिसने अपना धर्म छिपाया था. 8 जुलाई को निकाह के जरिए उनकी शादी मुकम्मल कराने की कोशिश की गई.

love jihad tara sahdev

शादी के बाद शूटर को अमानवीय यातनाएं दीं, बुरी तरह पिटाई और धर्म परिवर्तन करने के लिए लगातार धमकियां देना शामिल है. तंग आकर तारा ने 19 जुलाई 2014 को हिंदपीढ़ी थाने में अपने तत्कालीन पति और उसकी मां के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. शूटर के मुताबिक, वो अपने पति को पूर्व रजिस्ट्रार मुश्ताक के जरिए जानती थी. मुश्ताक उसके और रंजीत के जबरन निकाह कराने के लिए एक मौलवी को भी लाया था, जिससे उसने पहली बार हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी.

कोर्ट में क्या हुआ?

सीबीआई की विशेष अदालत ने तीनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. विशेष सीबीआई अदालत ने 30 सितंबर को मामले में तीनों को दोषी ठहराया था. सजा सुनाए जाने के लिए पांच अक्टूबर की तारीख तय की थी. रकीबुल हसन के वकील मुख्तार अहमद खान ने संवाददाताओं से कहा कि हम दोषसिद्धि के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख करेंगे क्योंकि इसके लिए पर्याप्त सबूत हैं.

तारा शाहदेव ने कहा शुक्रिया

कोर्ट ने मुख्‍य आरोपी रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल हसन को उम्रकैद की सजा मिलने के बाद पीड़िता शूटर तारा शाहदेव ने कहा कि लव जिहाद शब्द मेरी जिंदगी में जुड़ा, उसके बाद मेरी जिंदगी नरक बन गई. नेशनल शूटर तारा शाहदेव ने फैसला आने के बाद अदालत का आभार व्यक्त किया.

तारा ने कहा है कि मैं सीबीआई और अदालत को मुझे न्याय दिलाने के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं. ये न्‍याय सिर्फ मेरे लिए नहीं है, बल्कि इससे देश की हर एक बेटी को भरोसा मिलेगा कि उसके साथ जो इस तरह से गलत करेगा, उसे सजा मिलेगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *