बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोहरे वोटर ID विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। चुनाव आयोग ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, जिसमें तेजस्वी यादव के पास कथित तौर पर दो मतदाता पहचान पत्र होने और राहुल गांधी पर ‘वोट चोरी’ के आरोपों से जुड़ा विवाद शामिल है। आयोग ने इन मामलों में संबंधित साक्ष्य सार्वजनिक कर दिए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
तेजस्वी यादव के खिलाफ दो वोटर ID होने का आरोप
तेजस्वी यादव पर आरोप है कि उनके पास दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से मतदाता पहचान पत्र हैं। इनमें से एक EPIC नंबर RAB2916120 बताया गया है, जो चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है। इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए चुनाव आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो यादव के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है।
राहुल गांधी पर ‘वोट चोरी’ का आरोप और EC की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर हाल ही में बीजेपी नेताओं ने ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया था। इन आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग ने आधिकारिक रूप से कुछ दस्तावेज जारी किए हैं, जिनमें राहुल गांधी के नाम, पते और पहचान से जुड़ी जानकारी को सत्यापित किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उनकी जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रही है।
इन दोनों मामलों पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने जहां इसे “कांग्रेस और सहयोगी दलों की धोखाधड़ी की राजनीति” बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग से निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की है।
तेजस्वी यादव और राहुल गांधी से जुड़े ये प्रकरण आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव आयोग की रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।
वोटर ID से जुड़ा यह विवाद अब केवल एक कानूनी जांच नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। चुनाव आयोग की जांच और उसके निष्कर्ष अगले कुछ हफ्तों में देश की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।