15वें ब्रिक्स सम्मलेन में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण अफ्रीका रवाना

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दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में आयोजित 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मलेन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को रवाना हुए. प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर सबकी निगाहें हैं. इस वर्ष ब्रिक्स के सम्मलेन में 3 नए सदस्यों को शामिल किया जायेगा.

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कब होगा ब्रिक्स शिखर सम्मलेन?

प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग के लिए रवाना होने से पहले अधिकारीयों का हाथ हिला के अभिवादन किया. मंगलवार की सुबह पीएम मोदी जोहानसबर्ग के लिए रवाना हुए. इस साल ब्रिक्स शिखर सम्मलेन 22 से 24 अगस्त तक दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया जायेगा. 22 अगस्त को पीएम मोदी ब्रिक्स लीडर्स रिट्रीट में शिरकत करेंगे. ब्रिक्स ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका की विश्व अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है.

प्रधानमंत्री मोदी अफ्रीकी राष्ट्रपति माटामेला सिरिला रामफोसा के इनविटेशन पर तीसरी बार दक्षिण अफ्रीका पहुंचे. दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच राजनियक संबंधों की 30वीं सालगिरह का भी प्रतीक है. पारस्परिक तेज़ विकास, सतत विकास और समोवेशी बहुपक्षवाद के लिए साझेदारी इस साल 15वीं ब्रिक्स सम्मलेन का विषय रखा गया है.

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कौन-कौन चाहता है स्थायी सदस्यता?

इस साल दुनियाभर के 60 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं पांच स्थायी सदस्य देशों के अलावा. ब्रिक्स का विस्तार इस सम्मलेन का मुख्या मुद्दा रहेगा. ब्रिक्स में नए देशों को शामिल करने को लेकर एक निश्चित कायदा-कानून होना चाहिए भारत का मानना है. ब्राज़ील भारत के प्रसताव के साथ खुल कर खड़ा है वहीं रूस और दक्षिण अफ्रीका ने चुप्पी साध राखी है. वहीं, 5 देशों को शामिल करने के लिए चीन कोशिश कर रहा है इस सम्मलेन में.

ब्रिक्स को विकासशील देशों के आर्थिक हितों के लिए एक गुटनिरपेक्ष क्लब होना चाहिए भारत और चीन की स्थिति के बारे में जानकारी देने वाले लोगों के कहा फाइनेंसियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया. ब्रिक्स में शामिल होने के लिए करीब 23 देश इच्छुक हैं. दुनिया के सबसे शक्तिशाली समूहों में शामिल हो सकता है ब्रिक्स सदस्यता मिलने के बाद.

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क्या है ब्रिक्स सम्मलेन?

ब्रिक्स में पहले भारत, रूस, चीन और ब्राज़ील शामिल थे. दक्षिण अफ्रीका को 2010 में शामिल किया गया. इंडोनेशिया, सऊदी अरब और अर्जेंटीना ब्रिक्स में शामिल होने की होड़ में हैं. करीब 23 देश इसका हिस्सा बनना चाहते हैं. इस साल ब्रिक्स सम्मलेन में 60 से भी अधिक देश और उनके प्रतिनिधि हिस्सा लेने आ रहे हैं. दुनिया का सबसे ताकतवर समूह बन सकता ब्रिक्स इन देशों को सदस्यता देने के बाद.

अन्य नेताओं के साथ ब्रिक्स सम्मलेन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन शामिल नहीं होंगे. विडियो लिंक के जरिये पुतिन की शिखर सम्मलेन में भाग लेने के सम्भावना है, रूस के क्रेमलिन ने बताया.

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