बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को पटना में भारतीय जनसंघ के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 107वीं जयंती समारोह में शामिल हुए, जिसके बाद एनडीए में उनकी वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई. कुमार की हालिया कार्रवाइयों ने उनके भविष्य के राजनीतिक कदमों के बारे में कई सवाल और अटकलें खड़ी कर दी हैं, खासकर चुनावों से पहले.
हालांकि, जनता दल यूनाइटेड (JDU) नेता ने एनडीए में अपनी वापसी की अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए कहा कि वह विपक्ष को एकजुट करने के लिए काम कर रहे हैं और यह एक बड़ी उपलब्धि होने वाली है. गौरतलब है कि दीनदयाल उपाध्याय की जयंती बिहार में राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाती है.
2020 में, नितीश कुमार ने शहर के राजेंद्र नगर इलाके में दीनदयाल उपाध्याय की एक प्रतिमा का अनावरण किया था.जिस पार्क में प्रतिमा स्थापित की गई है वह वह स्थान है जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी ‘शाखाएं’ (सभा) आयोजित करता है. यह पार्क RSS बिहार मुख्यालय ‘विजय निकेतन’ के बगल में स्थित है.
सोमवार को ही सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट बैठक होने वाली है. पिछले कुछ महीनों से यह बैठक मंगलवार को होती आ रही थी लेकिन इस बार कैबिनेट बैठक सोमवार को ही बुलाई गई है. उससे ठीक पहले रविवार को नीतीश कुमार ने राबड़ी आवास पर तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी से मुलाकात की. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज हरियाणा के कैथल में होने वाले इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया है.


