अध्यादेश की जगह लेने वाला दिल्ली सेवा बिल लोकसभा में पेश

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आम आदमी पार्टी के लाख विरोध के बाद लोकसभा में दिल्ली सेवा बिल पेश किया गया. बिल गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने पेश किया. बिल दिल्ली में सेवाओं पर कंट्रोल तय करता है, इसे लेकर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है.

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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे लेकर विपक्षी दलों का समर्थन भी मांगा है. दिल्ली सर्विस बिल संसद में विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. की एकता का पहला इम्तिहान माना जा रहा है.   

संसद में विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तारीख तैय करली गई है. संसद के मानसून सत्र का नवां दिन रहा.

मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के चलते राज्यसभा और लोकसभा दोनों की कार्रवाही फिर से स्थगित कर दी गई. सरकार ने बताया कि विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर 8 से 10 अगस्त तक बहस होगी. 10 अगस्त को ही पीएम इस पर जवाब देंगे.

लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित हुए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुणे में तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया. विपक्षी एकता की कवायद और एनसीपी में फूट के बीच शरद पवार भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने और उन्होंने पीएम मोदी के साथ मंच साझा किया.

इस दौरान पीएम मोदी ने अवार्ड की राशि को नमामि गंगे योजना में देने का ऐलान किया है. पीएम मोदी के साथ शरद पवार का मंच साझा करना विपक्षी एकता के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

बजरंग दल की शोभायात्रा पर जमकर हुई पत्थरबाजी

हरियाणा के नूंह जिले में कल विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से आयोजित की गई. शोभायात्रा पर समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया. जिससे हिंसा भड़क गई. दोनों पक्षों में पत्थरबाजी और फायरिंग हुई.

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इस दौरान गुड़गांव के होमगार्ड और गुरसेवक समेत अब तक 5 लोगों की मौत हो गई है. उपद्रवियों ने रोड पर खड़े कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. हिंसा नूंह के बाद गुरुग्रान तक पहुंच गई. जिसके बाद 6 जिलों में धारा 144 लागू की गई है. मामले में अब तक 44 फएआईआर दर्ज की जा चुकी है. और 70 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है.

मणिपुर मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

मणिपुर हिंसा के मामले को लेकर आज को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान सीजेआई चंद्रचूड़  ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि साफ है कि हालात राज्य की पुलिस के नियंत्रण के बाहर हैं. मई से जुलाई तक कानून-व्यवस्था ठप हो गई थी. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार 7 अगस्त के लिए तय की और मणिपुर के डीजीपी को कोर्ट में पेश होकर सवालों के जवाब देने को कहा है.

 

 

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