कांग्रेस पर वोटर आईडी फर्जीवाड़े के आरोप, पवन खेड़ा और पत्नी पर सवाल, सोनिया गांधी का पुराना मामला भी चर्चा में

 

कांग्रेस पार्टी पर दोहरी वोटर आईडी रखने के आरोप ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। चुनाव आयोग ने पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया है, जिनके नाम दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज पाए गए। यही नहीं, उनकी पत्नी नीलिमा के खिलाफ भी यही आरोप सामने आया है। मामला यहीं नहीं रुकता, अतीत में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी इसी तरह के आरोप लग चुके हैं।

पवन खेड़ा पर लगा दोहरी वोटर ID का आरोप

सूत्रों के अनुसार, पवन खेड़ा का नाम नई दिल्ली विधानसभा और जंगपुरा विधानसभा दोनों की वोटर लिस्ट में दर्ज पाया गया है। चुनाव आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस भेजा है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस पार्टी विपक्ष पर लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों को लेकर सवाल उठाती रही है।

नीलिमा खेड़ा के खिलाफ भी आरोप

पवन खेड़ा की पत्नी नीलिमा खेड़ा का नाम भी दो अलग-अलग जगहों की वोटर लिस्ट में दर्ज होने की बात सामने आई है। कभी वह तेलंगाना के खैरताबाद निर्वाचन क्षेत्र में नीलिमा नाम से दर्ज होती हैं, तो कभी कोटा नीलिमा नाम से दिल्ली की मतदाता सूची में। इस खुलासे ने कांग्रेस पर विपक्ष के हमले और तेज कर दिए हैं।

सोनिया गांधी पर पुराना विवाद

वोटर सूची से जुड़ा विवाद नया नहीं है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी अतीत में आरोप लगे थे कि उन्होंने 1980 में भारत की नागरिकता प्राप्त करने से पहले ही वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराया था। इस संबंध में दिल्ली की एक अदालत में याचिका भी दाखिल की गई थी। हालांकि, मामले का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।

विपक्ष के निशाने पर कांग्रेस

वोटर आईडी को लेकर उठे इन सवालों ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला न केवल कानूनी बल्कि नैतिक चुनौती भी है, खासकर तब जब कांग्रेस पार्टी बार-बार लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की बात करती है। भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने इसे “लोकतंत्र की चोरी” करार देते हुए कांग्रेस नेतृत्व को कठघरे में खड़ा किया है।

चुनाव आयोग की ओर से नोटिस जारी होने के बाद अब पवन खेड़ा और नीलिमा खेड़ा को जवाब देना होगा। यह मामला पार्टी की छवि पर असर डाल सकता है, खासकर उस समय जब कई राज्यों में चुनावी माहौल गरम है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आयोग इस विवाद पर क्या कार्रवाई करता है और कांग्रेस इसे कैसे संभालती है।

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