अहमदाबाद विमान हादसे में बचे दो चेहरे, कोई चमत्कार से, कोई चूक से

अहमदाबाद में हुए भयावह विमान हादसे ने जहां 265 लोगों की जान ले ली, वहीं दो ज़िंदगियां ऐसी भी थीं जो चमत्कारिक रूप से इस मौत के साए से बाहर आ गईं। एक हैं विश्वास कुमार, जो हादसे के बाद विमान से जिंदा बाहर निकलने वाले इकलौते यात्री हैं। और दूसरी हैं भूमि चौहान, जिनकी फ्लाइट मिस हो गई और इस देरी ने उनकी जान बचा ली। इन दोनों की कहानियां बताती हैं कि किस तरह किस्मत कभी-कभी सबसे बड़े खतरे से भी बचा लेती है।

हादसे के इकलौते जिंदा यात्री की दास्तां

विश्वास कुमार को उस वक्त बचा लिया गया जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 रनवे से उड़ान भरने ही वाली थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही प्लेन ने रफ्तार पकड़ी, अचानक कुछ अजीब हुआ। 5-10 सेकंड का सन्नाटा और फिर एकदम से टेकऑफ की कोशिश—लेकिन विमान सीधा एक हॉस्टल की बिल्डिंग से टकरा गया। विश्वास ने बताया कि वे शायद अपनी सीट समेत नीचे गिर गए थे जिससे वे आग की चपेट में आने से बच गए। उन्होंने देखा कि कैसे कुछ ही सेकंड में आग फैल गई और कई लोग उसी में फंस गए। उनका बायां हाथ बुरी तरह जल गया, लेकिन ज़िंदगी बच गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल में पहुंचकर उनका हालचाल लिया।

फ्लाइट छूटने से बच गई भूमि की जान

वहीं दूसरी तरफ भूमि चौहान, जो लंदन से छुट्टियों पर भारत आई थीं, अपनी फ्लाइट से सिर्फ 10 मिनट की देरी से एयरपोर्ट पहुंचीं और चेक-इन से वंचित रह गईं। यह वही फ्लाइट थी जो बाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। शुरुआत में भूमि को अफसोस हुआ कि फ्लाइट क्यों छूट गई, लेकिन जैसे ही हादसे की खबर आई, उनका शरीर कांप उठा। उन्होंने कहा कि शायद उनके अच्छे कर्म ही थे कि वे उस दिन उस विमान में सवार नहीं हो सकीं।

इस भीषण हादसे में 242 यात्री तो थे ही, लेकिन विमान जिस रिहायशी इमारत से टकराया, वहां भी कई लोग मौजूद थे। कुल मिलाकर 265 लोगों की जान चली गई। विमान अमेरिका की बोइंग कंपनी का अत्याधुनिक 787 ड्रीमलाइनर था, जो कुछ ही घंटे पहले दिल्ली से अहमदाबाद आया था। हादसे की भयावहता और इससे जुड़े व्यक्तिगत अनुभव लंबे समय तक लोगों को झकझोरते रहेंगे।

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