पीएम मोदी की विदेश यात्रा से लेकर SC के फैसले तक, देश की 5 बड़ी राजनीतिक हलचलें

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की ऐतिहासिक विदेश यात्रा से वापसी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ममता बनर्जी का केंद्र पर निशाना, कर्नाटक में सियासी खींचतान और महाराष्ट्र में विपक्षी समीकरणों का बदलाव — देश की राजनीति में गुरुवार को कई अहम घटनाक्रम सामने आए।

पीएम मोदी की विदेश यात्रा से भारत को मिले अहम समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की सफल यात्रा के बाद गुरुवार को भारत वापसी की। इस यात्रा के दौरान भारत और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के बीच छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने ब्राजील पहुंचे पीएम मोदी को वहां के राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा गया। नामीबिया की संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी को वहां भी सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया।

SC का बड़ा फैसला: बिहार में वोटर वेरिफिकेशन पर जारी रहेगी प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में चल रही वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि आधार, राशन कार्ड और वोटर ID जैसे दस्तावेज वेरिफिकेशन के लिए पर्याप्त हैं। चुनाव आयोग को राहत देते हुए कोर्ट ने कहा कि वर्तमान प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।

ममता बनर्जी का NRC पर हमला, बीजेपी पर लगाया डराने का आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए असम में एनआरसी नोटिस मिलने पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि बंगाल के निवासी उत्तम कुमार ब्रजबासी को NRC नोटिस भेजा गया, जो 50 वर्षों से दिनहाटा (कूचबिहार) में रह रहे हैं। ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार एनआरसी का दुरुपयोग कर रही है ताकि हाशिए के समुदायों को मताधिकार से वंचित किया जा सके।

कर्नाटक कांग्रेस में मचा घमासान, दिल्ली में डटे DK शिवकुमार और सिद्दारमैया

कर्नाटक कांग्रेस के दो शीर्ष नेता — CM सिद्दारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार — दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से बातचीत के लिए पहुंचे हैं। सिद्दारमैया ने राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा, जबकि शिवकुमार ने प्रियंका गांधी से भेंट की। यह घटनाक्रम कर्नाटक में चल रहे सियासी तनाव को और गहरा करता दिख रहा है।

महाराष्ट्र में बदलते समीकरण, कांग्रेस अलग-थलग

बीएमसी चुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ आया है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती हैं। संजय राउत ने इस गठजोड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि मराठी अस्मिता के लिए दोनों ठाकरे साथ आएंगे। इससे कांग्रेस की स्थिति कमजोर होती नजर आ रही है।

देश की राजनीति लगातार बदलाव के दौर से गुजर रही है। जहां केंद्र अपनी विदेश नीति और प्रशासनिक फैसलों से अंतरराष्ट्रीय मंच पर सक्रिय है, वहीं राज्यों में सियासी समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। आगामी चुनावों के मद्देनज़र यह गतिविधियां और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *