राहुल गांधी ने जन्मदिन पर नहीं काटा केक, पहलगाम हमले और विमान हादसे के चलते जश्न से बनाई दूरी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस बार अपना 55वां जन्मदिन बेहद सादगी और गंभीरता के साथ मनाया। हाल ही में देश में हुई कुछ दर्दनाक घटनाओं—जैसे कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला और अहमदाबाद में हुआ विमान हादसा—ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। इसके साथ ही उनकी मां सोनिया गांधी की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ऐसे समय में राहुल गांधी ने किसी भी प्रकार के उत्सव से दूर रहने का निर्णय लिया और सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया।

कोटला रोड दफ्तर में कार्यकर्ताओं से मुलाकात पर जश्न नहीं

19 जून को राहुल गांधी पार्टी के कोटला रोड स्थित कार्यालय पहुंचे, जहां पहले से मौजूद कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। हालांकि, राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि वह केक नहीं काटेंगे और किसी भी तरह का जश्न नहीं मनाया जाएगा। पार्टी की ओर से भी इस बात का पूरा ध्यान रखा गया। पार्टी दफ्तर में ढोल-नगाड़ों को अनुमति नहीं दी गई और न ही कोई आयोजन रखा गया। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि यह समय जश्न का नहीं है, बल्कि देश के साथ खड़े होने का है।

कांग्रेस का पीएम मोदी पर हमला, ट्रंप के बयान पर भी प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने राहुल गांधी की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब देश दुख में डूबा है, तब राहुल गांधी ने सिर्फ लोगों से मुलाकात की, जबकि प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति से हंसते हुए तस्वीरें साझा कर रहे हैं। सुप्रिया श्रीनेत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान को लेकर भी मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने एक बार फिर भारत सरकार के दावों को खारिज कर दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर के समकक्ष ला खड़ा किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री उन महिलाओं को जवाब देंगे, जिनका सिंदूर आतंकी हमलों में उजड़ गया?

इस बार राहुल गांधी के जन्मदिन पर जो सादगी और संवेदनशीलता दिखाई गई, वह न सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं बल्कि आम लोगों को भी एक गंभीर संदेश देती है कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी और समय की नज़ाकत को समझना कितना जरूरी है।

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