भारत की पूर्वोत्तर सीमा और राष्ट्रीय राजनीति दोनों इस सप्ताह कई बड़ी घटनाओं से प्रभावित हुए। म्यांमार सीमा पर भारतीय सेना द्वारा आतंकवादी संगठनों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक से सुरक्षा हालात चर्चा में हैं, वहीं बिहार में वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष आमने-सामने हैं। संसद के मॉनसून सत्र से पहले कांग्रेस रणनीति तय कर रही है, तो विदेश मंत्री एस जयशंकर की चीन यात्रा भी अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दृष्टि से अहम मानी जा रही है।

म्यांमार में आतंकियों पर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक

भारतीय सेना ने म्यांमार सेना के साथ मिलकर ULFA-I और NSCN-K के आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। ऑपरेशन के दौरान ULFA-I के वरिष्ठ कमांडर नयन मेधी उर्फ नयन असोम मारा गया, जबकि 19 अन्य घायल हुए हैं। खबरों के अनुसार, भारत-म्यांमार सीमा के पास नागा स्वशासित क्षेत्र में स्थित आतंकी शिविरों पर ड्रोन और एयरस्ट्राइक के जरिए 100 से अधिक हमले किए गए। ULFA-I ने भी इस हमले की पुष्टि की है।

राज्यसभा के लिए चार प्रमुख हस्तियों का नामांकन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए नामांकित किया। इनमें पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम, इतिहासकार मीनाक्षी जैन और केरल के वरिष्ठ नेता सी सदानंदन मास्टर शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए उनके सामाजिक योगदान की सराहना की।

बिहार में वोटर लिस्ट पर सियासी घमासान

चुनाव आयोग के SIR अभियान के तहत बिहार में बड़ी संख्या में नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार से आए घुसपैठियों की पहचान हुई है। आयोग के मुताबिक, 1 अगस्त 2025 तक सत्यापन नहीं होने पर उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे। RJD नेता तेजस्वी यादव ने इस पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए गरीब, दलित और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।

मॉनसून सत्र से पहले कांग्रेस की रणनीति बैठक

संसद के मॉनसून सत्र (21 जुलाई–21 अगस्त) से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 15 जुलाई को पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है। इस बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित शीर्ष नेता शामिल होंगे। बैठक में चुनाव आयोग की भूमिका, अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और घरेलू हालात पर विपक्ष की रणनीति तय की जाएगी।

विदेश मंत्री की चीन यात्रा शुरू

विदेश मंत्री एस जयशंकर तीन दिवसीय विदेश दौरे पर सिंगापुर और चीन पहुंचे हैं। सिंगापुर में उन्होंने अपने समकक्ष विवियन बाला से मुलाकात की। इसके बाद वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन जाएंगे। पांच वर्षों में यह उनकी पहली चीन यात्रा है, जो भारत-चीन संबंधों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

इन घटनाओं के साथ देश और विदेश की राजनीति, कूटनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं एक नए मोड़ पर हैं। आने वाले हफ्तों में इन सभी मुद्दों पर और गहराई से राजनीतिक बहस और फैसले देखने को मिल सकते हैं।