अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नई टैरिफ नीति के तहत भारत पर 25% टैरिफ बरकरार रखा है, जबकि पाकिस्तान को 29% से घटाकर 19% टैरिफ की राहत दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने 6 महीनों में भारत-पाकिस्तान सहित 6 युद्ध रुकवाए हैं, जिसके लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। इस नीति और दावों ने वैश्विक व्यापार और कूटनीति में हलचल मचा दी है।

ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 92 देशों पर 10% से 41% तक टैरिफ लगाए गए। भारत पर 25% टैरिफ 7 अगस्त से लागू होगा, जबकि पाकिस्तान को दी गई छूट ने सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत पाकिस्तान के साथ तेल और खनिज व्यापार समझौते और ट्रंप के नोबेल पुरस्कार के लिए पाकिस्तानी समर्थन से जुड़ी हो सकती है।

पाकिस्तान के उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री इशाक डार ने जून 2025 में ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया था। इसके अलावा, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हाल ही में तेल भंडार विकास के लिए एक समझौता हुआ है। ट्रंप के करीबी सहयोगी गेंट्री थॉमस बीच ने जनवरी 2025 में पाकिस्तान का दौरा कर तेल और रियल एस्टेट निवेश पर चर्चा की थी।

भारत में इस नीति ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। विपक्ष ने इसे भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव का संकेत बताया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्रंप के “डेड इकोनॉमी” बयान का समर्थन करते हुए कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति कमजोर है। वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार देशहित को प्राथमिकता दे रही है और व्यापार समझौते के लिए बातचीत जारी है।

ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल और सैन्य उपकरण खरीदने के लिए अतिरिक्त जुर्माने की भी धमकी दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस से तेल खरीद जारी रखेगा।

पाकिस्तान को टैरिफ में राहत और तेल समझौते से दक्षिण एशिया में व्यापारिक और भूराजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का परिणाम इस तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

वैश्विक व्यापार और कूटनीति पर ट्रंप की नीतियों का असर गहरा रहा है। भारत और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत से उम्मीद है कि दोनों देश आपसी हितों को संतुलित करने वाला रास्ता निकालेंगे।