सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 2022 में गलवान झड़प पर दिए बयान के लिए कड़ी फटकार लगाई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि चीन ने भारत की 2,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा किया। कोर्ट ने पूछा, “आपको यह जानकारी कहां से मिली?” उधर, राहुल गांधी के फर्जी वोटिंग के दावों पर भी सवाल उठे, जब कर्नाटक के चुनाव आयोग ने उनके दावों को खारिज किया। राष्ट्रीय सूचना रजिस्टर (SIR) को लेकर संसद में हंगामे के बीच विपक्ष की रणनीति भी चर्चा में है।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने राहुल गांधी के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया। कोर्ट ने कहा, “सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा। संसद में अपनी बात रखें, सोशल मीडिया पर नहीं।” राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि विपक्ष के नेता के रूप में सवाल उठाना उनका अधिकार है, लेकिन कोर्ट ने सबूतों की कमी पर सवाल उठाए। कोर्ट ने लखनऊ की मानहानि कार्यवाही पर तीन सप्ताह की रोक लगाई।
राहुल गांधी के फर्जी वोटिंग के दावों ने भी विवाद खड़ा किया। कांग्रेस नेता एच. नागेश ने अप्रैल 2023 में कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाया था। हाल ही में नागेश ने कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से अपनी शिकायत की प्रति मांगी, लेकिन CEO ने कहा कि ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं है। इस खुलासे ने राहुल गांधी के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा दिए।
SIR को लेकर संसद में तीखी बहस हुई, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विपक्ष इसे गोपनीयता का उल्लंघन बता रहा है। इंडिया गठबंधन 7 अगस्त को राहुल गांधी के आवास पर बैठक कर SIR के खिलाफ रणनीति बनाएगा और 8 अगस्त को चुनाव आयोग तक मार्च निकालेगा।
राहुल गांधी के बयानों और दावों ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार और सबूतों की कमी ने उनकी विश्वसनीयता को चुनौती दी है। SIR पर विपक्ष का विरोध और संसद में हंगामा आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।