उन्होंने इसे फिर से किया है। नीतीश कुमार ने अपनी पुरानी सहयोगी बीजेपी से अलग होने का फैसला किया है. यह पांचवीं बार है जब बिहार के मुख्यमंत्री ने पाला बदला है। कोई आश्चर्य नहीं कि उन्होंने विरोधियों से ‘पलटू राम’ की उपाधि अर्जित की है