कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई एक नए राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया है कि गोगोई का पाकिस्तान से जुड़ाव है और उनके परिवार के सदस्य विदेशी नागरिकता रखते हैं। इन आरोपों के बाद असम सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) के गठन की घोषणा की है, और संभावना है कि मामला जल्द ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपा जा सकता है।
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि गौरव गोगोई का पाकिस्तान से निजी और राजनीतिक संपर्क रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और उनके दोनों बच्चों के पास विदेशी (ब्रिटिश) नागरिकता है। सरमा के मुताबिक, इससे गोगोई और उनका परिवार भारत कभी भी छोड़ सकते हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
यह विवाद उस वक्त उभरा जब संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान गोगोई का भाषण चर्चा में आया। मुख्यमंत्री सरमा ने उस भाषण को पाकिस्तान के रुख के अनुरूप बताया। उन्होंने 10 सितंबर को इस मामले में और भी बड़े खुलासे करने की बात कही है, जिससे कांग्रेस पार्टी के भीतर हलचल मच गई है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच के लिए गठित SIT विदेशी नागरिकता, संदिग्ध यात्राओं और विदेशी प्रशासन से संभावित संपर्कों की जांच पड़ताल करेगी। वहीं, NIA को यह जांच सौंपने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।
कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री सरमा असम चुनाव से पहले माहौल को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। गोगोई की ओर से अब तक इस विवाद पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस घटनाक्रम ने असम में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी माहौल को और गर्मा दिया है। यदि NIA जांच शुरू होती है, तो यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन सकता है।