आज देश-विदेश की सियासत, न्यायपालिका, व्यापार और आपदा से जुड़ी पांच बड़ी खबरों ने सुर्खियां बटोरीं। मालेगांव ब्लास्ट केस में आए बहुचर्चित फैसले से लेकर डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ हमले तक, हर खबर का व्यापक असर देखा गया। आइए डालते हैं इन पांच प्रमुख खबरों पर एक नजर।
मालेगांव ब्लास्ट केस में 17 साल बाद फैसला, सभी आरोपी बरी
महाराष्ट्र के मालेगांव में 2008 में हुए धमाके के मामले में विशेष NIA अदालत ने 17 साल बाद बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित समेत सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपों के समर्थन में कोई ठोस फॉरेंसिक या दस्तावेज़ी प्रमाण नहीं मिले। इस फैसले को लेकर जहां भाजपा ने “भगवा आतंकवाद” की थ्योरी पर करारा प्रहार बताया, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने फैसले को “न्याय नहीं, सिर्फ निर्णय” करार दिया।
विपक्ष का सवाल: क्या मालेगांव केस में हुई न्याय की अनदेखी?
फैसले के तुरंत बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने फैसले को “निराशाजनक” बताया और मांग की कि महाराष्ट्र सरकार इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दे। अखिलेश यादव ने इशारों में कहा कि क्या किसी बड़ी खबर को दबाने के लिए यह फैसला टाइम किया गया?
भारत पर ट्रंप का टैरिफ वार, सरकार बोली- बातचीत जारी है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि 1 अगस्त से भारत से आयात होने वाले सभी उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा। इसके अलावा, भारत द्वारा रूस से तेल और सैन्य उपकरण खरीदने पर अमेरिकी प्रतिबंध भी लगाए जाएंगे। संसद में विपक्ष ने सरकार को घेरा, लेकिन वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका से बातचीत के चार दौर हो चुके हैं और भारत अपने हितों की रक्षा करेगा।
बिहार चुनाव से पहले मुकेश सहनी की एंट्री से हलचल
बिहार की सियासत में VIP प्रमुख मुकेश सहनी फिर चर्चा में हैं। उन्होंने महागठबंधन से 60 सीटों की मांग कर चुनावी समीकरणों को चुनौती दी है। वहीं, NDA में उनकी वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, “राजनीति संभावनाओं का खेल है, कुछ भी हो सकता है।”
रूस में 8.8 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की लहरें अमेरिका तक पहुंचीं
रूस के कमचटका प्रायद्वीप में दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 8.8 थी। इसके बाद आई 5 मीटर ऊंची सुनामी की लहरें अमेरिका के अलास्का, हवाई और कैलिफोर्निया तक पहुंचीं। जापान, फिलीपींस, न्यूजीलैंड सहित कई देशों ने तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर निकासी अभियान शुरू किया है।
देश और दुनिया में आज की घटनाओं ने राजनीतिक, आर्थिक और मानवीय मोर्चों पर कई नई चुनौतियां और बहसें खड़ी की हैं। मालेगांव केस का फैसला जहां न्यायिक व्यवस्था पर विमर्श को जन्म देगा, वहीं वैश्विक मोर्चे पर ट्रंप की नीतियों से भारत की रणनीति की अग्निपरीक्षा शुरू हो चुकी है।